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Friday, October 10, 2008



--- बारिश ---

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पहली बारिश मे भीगने केलिए

मैं भागी भागी आयी आँगन मे


तेरी याद मे भीग रही हूँ मैं

हाथ पकड़कर चल रही हूँ साथ


हर बूँद मे तुझे ढूँढ रही हूँ

मेरे दिल मे उतर रही है वो हर पल


बिजली की गर्जनो मे भी मैं कही

तेरा खुस्सा देख रही हूँ जानम


वो बूंदों के नमी मे भी मैं

तुम को महसूस कर रही हूँ साजन


काश वो बारिश मेरी साथ होती हमेशा

मुझे भीगा कर साथ चलती जिंदगी बर


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